जेईई एडवांस्ड -2020 : आईआईटी प्रवेश की हटाई पात्रता से एडवांस्ड में विद्यार्थियों की बढ सकती है संख्या

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड जोकि इस वर्ष 27 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसमें जेईई मेन के आधार पर चुने हुए शीर्ष 2 लाख 50 हजार विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए पात्र घोषित होंगे। आईआईटी में प्रवेश के लिए इस वर्ष सिर्फ 12वीं पास ही योग्यता रखी गई है। कोरोना संक्रमण के चलते बहुत से बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित एवं रद्द होने के कारण विद्यार्थियों के हित में यह निर्णय लिया गया है।
हर वर्ष जेईई मेन के आधार पर जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए पात्र घोषित किए गए विद्यार्थियों में से बड़ी संख्या में विद्यार्थी जेईई एडवांस्ड परीक्षा नहीं दे पाते हैं। इसका बड़ा कारण जेईई एडवांस्ड परीक्षा देकर आईआईटी में प्रवेश के लिए दो अटैम्पट, 12वीं में 75 प्रतिशत या टाॅप 20 परसेन्टाइल क्वालिफाई करना माना जा सकता है। गत दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गत वर्ष जेईई मेन के आधार पर एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए कुल क्वालिफाई किए गए विद्यार्थियों में से करीब 70 से 75 प्रतिशत जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल हुए।

गत वर्ष जेईई मेन के आधार पर एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए सभी श्रेणियां मिलाकर शीर्ष 2 लाख 45 हजार विद्यार्थी क्वालिफाई किए गए लेकिन, इसमें से 1 लाख 74 हजार 432 विद्यार्थी ही एडवांस्ड के लिए पंजीकृत हुए एवं 1 लाख 61 हजार 319 विद्यार्थियों ने ही जेईई एडवांस्ड परीक्षा दी। इस वर्ष जेईई एडवांस्ड परीक्षा देने की पात्रता में विद्यार्थियों को रियायत देने पर मेन के आधार पर क्वालिफाई होने वाले शीर्ष 2 लाख 50 हजार विद्यार्थियों में से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या गत वर्षों के मुकाबले बढ़ने की संभावना है।

कई बार विद्यार्थी जेईई एडवांस्ड में रैंक आने के बाद भी बोर्ड पात्रता पूरी नहीं करने के कारण आईआईटी में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में इन विद्यार्थियों को भी राहत मिलेगी। हालांकि जारी की गई जानकारी के अनुसार बोर्ड पात्रता में रियायत केवल आईआईटी में प्रवेश के लिए ही मान्य है। एनआईटी, ट्रिपलआईटी एवं जेएफटीआई में प्रवेश पात्रता को लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

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