इस वर्ष री-चैकिंग करवाने वाले स्टूडेंट्स की बढ़ सकती है संख्या  सीबीएसई री-चैकिंग-2020-12वीं के लिए आवेदन कल से, 10वीं के लिए 20 जुलाई से, तीन चरणों में होगी पूरी प्रक्रिया

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं व 12वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है। दोनों बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने के साथ ही अब री-चैकिंग के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
सीबीएसई की वेबसाइट पर जारी किए गए इस नोटिफिकेशन के अनुसार विद्यार्थी तीन चरणों में अपनी री-चैकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकता है। प्रथम चरण में विद्यार्थी अपने प्राप्तांकों को वैरीफाई करवा सकता है। इसके लिए विद्यार्थी को प्रत्येक सब्जेक्ट के लिए 500 रुपए शुल्क देना होगा। वैरीफिकेशन का परिणाम सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। साथ ही यदि विद्यार्थियों के अंकों में परिवर्तन आता है तो उन्हें सीबीएसई वेबसाइट के साथ-साथ पत्राचार के माध्यम से भी सूचित किया जाएगा। वैरीफिकेशन के उपरान्त ही विद्यार्थी द्वितीय चरण में अपनी संबंधित विषय के लिए जांच की हुई उत्तर पुस्तिका की प्रतिलिपी को प्राप्त कर सकता है, इसके लिए विद्यार्थी को प्रत्येक विषय की उत्तर पुस्तिका के लिए 700 रुपए का शुल्क देना होगा। विद्यार्थी उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी अपने लॉगइन अकाउंट से ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है। इसके उपरान्त तीसरे चरण में विद्यार्थी प्राप्त उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी में उत्तरों की जांच के बाद दिए गए अंकों से संतुष्ट नहीं होने पर उन्हें पुनः जांच के लिए निवेदन कर सकता है। इसके लिए विद्यार्थी को प्रत्येक चैलेंज किए गए प्रश्न के लिए 100 रुपए का शुल्क देना होगा। विद्यार्थी को प्रत्येक प्रश्नों की पुनः जांच के लिए कारण बताते हुए आवेदन करना होगा। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्यार्थी को सीबीएसई की वेबसाइट एवं पत्राचार के माध्यम से सूचित किया जाएगा। विद्यार्थी का री-चैकिंग के उपरान्त बढ़े या घटे हुए नम्बर ही उस विषय में मान्य होंगे। अंकों में बदलाव की स्थिति में विद्यार्थी को अपनी पुरानी अंकतालिका लौटानी होगी, उसके बाद ही नई अंकतालिका जारी की जाएगी। 12वीं की री-चैकिंग प्रक्रिया 17 जुलाई से 7 अगस्त के मध्य तथा 10वीं की 20 जुलाई से 11 अगस्त के मध्य पूरी होगी।

इस वर्ष 12वीं की री-चैकिंग करवाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि आईआईटी-एनआईटी के लिए बोर्ड पात्रता कैटेगिरी अनुसार 75 प्रतिशत एवं 65 प्रतिशत या टॉप-20 पर्सेन्टाइल में आना अनिवार्य होता है। साथ ही इस वर्ष बहुत से इंजीनियरिंग संस्थानों ने प्रवेश के लिए कोरोना संक्रमण के चलते पहली बार अपनी प्रवेश प्रक्रिया में जेईई-मेन के साथ-साथ 12वीं बोर्ड के प्रतिशत को भी आधार बनाया है। इनमें कुछ प्रमुख संस्थान वीआईटी, एसआरएम, थापर, यूपीईएस आदि शामिल हैं। ऐसे में बहुत से विद्यार्थी जिनकी 12वीं बोर्ड में प्रतिशत अंक अपनी अपेक्षा के अनुरूप नहीं आए हैं और वे उपरोक्त संस्थानों में प्रवेश लेना चाहते हैं तो री-चैकिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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