21 साल के इतिहास में पहली बार भारत के सभी पांचों स्टूडेंट्स ने जीते गोल्ड मेडल

इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (आईपीएचओ-2018) में भारत के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। 21 सालों के इतिहास में आईपीएचओ में अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। पहली बार भारतीय टीम में शामिल पांचों प्रतिभागी विद्यार्थियों गोल्ड मेडल जीते हैं। इसकी अधिकृत सूचना होमी भाभा सेंटर फाॅर साइंस एजुकेशन (एचबीसीएसी) द्वारा ट्वीट करके दी गई। देश को ये गौरव प्राप्त हुआ है कोटा की बदौलत, जी हां, इन पांच विद्यार्थियों में से 4 विद्यार्थियों ने कोटा में रहकर कोचिंग की तथा कॅरियर बनाया। चार में से तीन विद्यार्थी एजुकेशन हब व कोचिंग सिटी कोटा से हैं। आईपीएचओ में मुम्बई के भास्कर गुप्ता, कोटा के लय जैन, राजकोट के निशांत अभांगी, जयपुर के पवन गोयल एवं कोलकाता के सिद्धार्थ तिवारी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। आईपीएचओ पिछले सप्ताह लिस्बन पुर्तगाल में आयोजित हुआ था। आईपीएचओ में पूरे विश्व के 86 देशों के 396 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। जिसमें 42 विद्यार्थियों ने गोल्ड मेडल हासिल किए।  होमी भाभा सेंटर फाॅर साइंस एजुकेशन के वैज्ञानिक अधिकारी प्रवीण पाठक ने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ है कि टीम के पांचों विद्यार्थियों ने गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है। इससे पूर्व तीन बार भारत को चार-चार गोल्ड मेडल व एक सिल्वर मेडल मिल चुका है।

गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में कोटा में रहकर कोचिंग करने वाले पवन गोयल ने जेईई-एडवांस्ड में अखिल भारतीय स्तर पर चैथा स्थान प्राप्त किया। कोटा के लय जैन ने जेईई एडवांस्ड में अखिल भारतीय स्तर पर नवां तथा भास्कर गुप्ता ने 30वां स्थान प्राप्त किया। वहीं सिद्धार्थ तिवारी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इन चार विद्यार्थियों में तीन आईआईटी मुम्बई में एडमिशन ले चुके हैं, जबकि लय जैन का मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी में चयन हो चुका है। वह एमआईटटी से कम्प्यूटर साइंस एंड फिजिक्स की पढ़ाई करेगा। निशांत अभांगी सबसे छोटा 16 वर्ष का है और निशांत इससे पूर्व राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कर चुका है, आईजेएसओ में गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। एस्ट्रो फिजिक्स ओलम्पियाड में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए कैम्ब्रिज व स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से समर वर्कशाॅप के लिए स्काॅलरशिप मिल चुकी है। 12वीं कक्षा के निशांत एलन कोटा में पिछले दो साल से जेईई एडवांस्ड की तैयारी कर रहा है। टीम एचबीसीएससी के वैज्ञानिक अधिकारी प्रवीण पाठक के अलावा चेन्नई के केजीएम नायर व आब्जर्वर सुरजित चक्रबर्ती एवं मनीष कपूर के साथ फाइनल में शामिल हुई।

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