जेईई मेन (JEE Main) -2021:बदले हुए पैटर्न में साल में 4 बार होगी परीक्षा

जेईई-मेन की पहली परीक्षा 22 से 25 फरवरी के मध्य होगी, 15 जनवरी तक किए जा सकेंगे आवेदन

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2021 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट कर दी। वेबसाइट पर जारी की गई के सूचना अनुसार अब साल में चार बार जेईई-मेन परीक्षा होगी, जो कि फरवरी, मार्च, अप्रेल व मई में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही यह परीक्षा बदले हुए पैटर्न में भी करवाई जाएगी।
एनटीए द्वारा जारी किए गए इनफोर्मेशन बुलेटिन में देश-विदेश के 329 परीक्षा शहरों में जेईई-मेन परीक्षा दो पारियों में आयोजित की जाएगी, इसमें विदेश के 10 शहरों में तथा देश के 319 शहरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें राजस्थान में अजमेर, अलवर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, सीकर, श्रीगंगानगर, उदयपुर, भीलवाड़ा, झुंझुनूं, नागौर, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, दौसा व करौली शामिल है। इससे पूर्व गत वर्ष तक राजस्थान में 9 शहरों में जेईई-मेन परीक्षा हुआ करती थी, इस वर्ष 7 जिलों में परीक्षा केन्द्र बढ़ाए गए हैं। जेईई-मेन-2021 की पहली परीक्षा 22 से 25 फरवरी के मध्य होगी, जिसके लिए आवेदन 15 जनवरी तक लिए जाएंगे। आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क सामान्य ईडब्ल्यूएस एवं ओबीसी कैटेगिरी के लिए 650, एससी-एसटी एवं शारीरिक विकलांग एवं सभी कैटेगिरी की छात्राओं के लिए 325 रुपए निर्धारित किया गया है।

पैटर्न में क्या बदलाव ? वर्ष 2021 में होने वाली जेईई-मेन परीक्षा में 90 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नपत्र विषयवार दो भागों में विभक्त होगा। फिजिक्स, कैमेस्ट्री व मैथ्स में सेक्शन ए व सेक्शन बी होंगे। सेक्शन ए में हर विषय में 20 बहूविकल्पीय सवाल दिए जाएंगे। वहीं सेक्शन बी में न्यूमेरिकल वैल्यु बेस्ड 10 सवाल दिए जाएंगे, इन 10 में से कोई 5 सवाल विद्यार्थियों को हल करने होंगे। इस तरह से पूरे पेपर में कुल 90 प्रश्नों में से 75 प्रश्न हल करने का मौका दिया जाएगा। प्रत्येक प्रश्न 4 अंकों का होगा, इसके साथ बहूविकल्पी प्रश्नों का सही उत्तर देने पर 4 अंक दिए जाएंगे, एवं गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग होगी, इसके साथ ही न्यूमेरिकल वैल्यु बेस्ड प्रश्नों के सही उत्तर देने पर 4 अंक मिलेंगे व गलत उत्तर पर कोई नैगेटिव मार्किंग नहीं होगी। इस प्रकार कुल प्रश्नपत्र 300 अंकों का होगा। इससे पूर्व गत वर्ष तक विषयवार 25-25 प्रश्न ही पूछे जाते थे और पूरा प्रश्नपत्र 75 प्रश्नों का होता था।

विद्यार्थियों को क्या फायदा ?
ऐसा पहली बार हो रहा है कि जेईई-मेन में एक ही वर्ष में 4 अवसर दिए जा रहे हैं। इस वर्ष जेईई-मेन परीक्षा साल में चार बार होने से विद्यार्थियों के पास कई अवसर हो जाएंगे। ऐसे में विद्यार्थी अपने स्कोर को बार-बार इम्प्रूव कर सकेंगे। विद्यार्थियों के अधिकतम एनटीए स्कोर के आधार पर ही जेईई-मेन की ऑलइंडिया रैंक एवं एडवांस्ड देने की पात्रता घोषित की जाती है।

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